नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के मुद्दे पर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग के कुछ ही दिनों बाद अब देश में एक नया मुद्दा तेजी से गर्मा रहा है। AJ Talks से खास बातचीत में
संत स्वामी आनंद स्वरूप ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है।
“आरक्षण खत्म करो, वरना इस्तीफा दो”
स्वामी आनंद स्वरूप ने AJ Talks के इंटरव्यू में साफ कहा कि अब देश में आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आरक्षण खत्म नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा” स्वामी जी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।

NEET से लेकर आरक्षण तक – मुद्दा कैसे बदला?
गौरतलब है कि कुछ समय पहले NEET पेपर लीक होने के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया था। उस आंदोलन को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ समाप्त किया गया था। उस आंदोलन के खत्म होते ही अब “आरक्षण हटाओ आंदोलन” ने जोर पकड़ लिया है। देश के कई हिस्सों से युवा और विभिन्न संगठन लगातार प्रधानमंत्री मोदी से आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अब आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए, जातिगत नहीं।
माहौल गर्म
स्वामी आनंद स्वरूप के बयान के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। समर्थक इसे “सामाजिक समानता” की मांग बता रहे हैं, तो वहीं विरोधी इसे “सामाजिक ताने-बाने” पर हमला करार दे रहे हैं।फिलहाल सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
नोट: यह बयान AJ Talks द्वारा स्वामी आनंद स्वरूप से किए गए विशेष इंटरव्यू पर आधारित है।
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